महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र :
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किफायती निर्माण सामग्रियों के सतत विकास,
उत्पादन और उपलब्धता के लिये नीतिगत वातावरण को बेहतर बनाना।
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औद्योगिक अपशिष्ट यथा फ्लाई एश, रेडमड,
फोस्फोजिप्सम; कृषि अपशिष्ट यथा चावल की भूसी, जूट, नारियल जटा आदि, अन्य
अपशिष्ट तथा उप-उत्पाद आधारित निर्माण सामग्रियों/संघटकों के निर्माण हेतु
ईकाइयों को प्रोत्साहन देना।
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ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में लघु और ग्रामीण
स्तरीय निर्माण सामग्री उत्पादन ईकाईयों का आधुनिकीकरण करना।
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समुचित प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रदर्शित करने
और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रदर्शन ढांचों का निर्माण करना।
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नई निर्माण सामग्रियों तथा निर्माण
प्रौद्योगिकियों के लिये मानक तैयार करना।
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राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ
कार्य करके औद्योगिक विस्तार सेवाओं को सुदृढ़ करना ताकि निर्माण सामग्रियों के
क्षेत्र में अधिकाधिक निवेश प्राप्त किया जा सके।
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प्रौद्योगिकियों के स्तर को बेहतर बनाना,
निर्माण जानकारी प्राप्त करना, उसका समाहिकरण करना और उनका प्रचार-प्रसार करना।
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प्राकृतिक आपदा की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में
प्राकृतिक आपदा के खतरे और जोखिम का मूल्यांकन करना।
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प्राकृतिक आपदा-सह निर्माण प्रौद्योगिकियों को
प्रोत्साहित करना।
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विश्व भर से प्रौद्योगिकी खोज और भवन सामग्रियों
तथा निर्माण क्षेत्र में संयुक्त उद्यमों की स्थापना को बढ़ावा देना।